बिहार में होली में सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वालों पर पुलिस-प्रशासन की पैनी नजर है। विशेषकर कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न करने वाले तत्वों से पुलिस-प्रशासन कड़ाई से निबटेगा। अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ भी तत्काल कार्रवाई होगी। गृह विभाग और पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिलों में स्थानीय पुलिस के अतिरिक्त बी-सैप और केंद्रीय बलों की लगभग पांच दर्जन टुकड़ियां तैनात कर दी गई हैं। संवेदनशील इलाकों में रैफ (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवानों की ड्यूटी लगाई गई है। अन्य सुरक्षा एजेंसियों को भी अलर्ट मोड में रखा गया है। वहीं पुलिस पदाधिकारी व कर्मियों की छुट्टी पहले से ही 18 मार्च तक रद्द है।
होली के दौरान ही जुमे की नमाज है। इसे देखते हुए उपद्रवी तत्वों पर बिहार पुलिस की विशेष नजर है। ऐसे असामाजिक तत्वों की थाना से लेकर मुख्यालय स्तर पर लगातार मॉनिटरिंग शुरू कर दी गई है। त्योहार के दौरान डीजे, सार्वजनिक रूप से अश्लील गाना बजाने और सड़कों पर हुड़दंग जैसी घटनाओं को रोकने को लेकर गश्ती बढ़ाने सहित अन्य उपाय किए गए हैं।
डीजीपी कंट्रोल रूम और सोशल मीडिया कंट्रोल रूम में डीएसपी से इंस्पेक्टर रैंक तक अतिरिक्त पुलिस अफसरों की ड्यूटी लगाते हुए इसे 24 घंटे सक्रिय रखा गया है। सोशल मीडिया सेल अफवाह फैलाने वालों के साथ ही वैमनस्यता को बढ़ावा देने वाले पोस्ट करने एवं उसे शेयर करने वालों पर निगरानी रखेगा। जिला एवं क्षेत्र के अफसरों को नियमित अंतराल पर खैरियत प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया गया है।
कानून व्यवस्था में आम लोगों का सहयोग लेने के लिए थाना स्तर पर स्थानीय प्रबुद्ध लोगों के साथ शांति समिति की बैठकें भी की गयी हैं। होली को देखते हुए शराब की सप्लाई पर भी नजर रखी जा रही है। पुलिस और मद्यनिषेध विभाग के पदाधिकारी-कर्मी सक्रिय हैं। लगातार भारी मात्रा में शराब बरामद भी की गई है।
डीजे पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध : डीजीपी
डीजीपी विनय कुमार ने कहा कि होली को लेकर सोशल मीडिया सहित अन्य माध्यमों से उपद्रवी एवं असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। वहीं डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। उन्होंने आम लोगों से यातायात नियमों का पालन करने के साथ ही रैश ड्राइविंग नहीं करने की अपील की है।
इन नंबरों पर दें सूचना :
आकस्मिक हेल्पलाइन : 112
मद्य निषेध : 15545
महिला हेल्पलाइन : 181
साइबर क्राइम : 1930

